CLR Gwalior MP Bhulekh: आयुक्त भू-अभिलेख ग्वालियर प्रशासनिक निर्देशिका

1. आयुक्त भू-अभिलेख (CLR) ग्वालियर का परिचय (Introduction to CLR Gwalior)

CLR Gwalior Kya Hai Aur Iska Prashasnik Mahatva Kya Hai?

CLR Gwalior (Commissioner Land Records and Settlement, Madhya Pradesh) मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग के अंतर्गत काम करने वाला राज्य स्तर का सर्वोच्च और नोडल प्रशासनिक संगठन है। इसका मुख्यालय ऐतिहासिक शहर ग्वालियर में स्थित है। यह कार्यालय पूरे मध्य प्रदेश के सभी 55 से अधिक जिलों के भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन, डिजिटल आधुनिकीकरण, भू-सर्वेक्षण (Land Surveys), और भू-स्थानिक (Geospatial) डेटाबेस का शीर्ष नियामक और नियंत्रक निकाय है।

यदि आप राजस्व विभाग द्वारा संचालित ऑनलाइन नागरिक पोर्टल के मूल संचालन को समझना चाहते हैं, तो हमारे मुख्य MP Land Records Hub पर जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि आप सीधे वेब इंटरफेस के माध्यम से डिजिटल रिकॉर्ड्स जैसे खसरा या खतौनी निकालना चाहते हैं, तो हमारे मुख्य पिलर गाइड MP Bhulekh Khasra Khatauni Portal Guide का संदर्भ लें।

ग्वालियर स्थित आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय का मुख्य उत्तरदायित्व यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का प्रत्येक नागरिक और किसान पारदर्शी, सटीक और छेड़छाड़-मुक्त भूमि रिकॉर्ड्स प्राप्त कर सके। नेशनल इन्फॉरमैटिक्स सेंटर (NIC) के साथ मिलकर WebGIS 2.0 प्रणाली का विकास और संचालन इसी कार्यालय की प्रत्यक्ष देखरेख में किया जाता है। राज्य में भूमि सुधारों से जुड़े जितने भी तकनीकी बदलाव या नए नियम लागू होते हैं, उनका अंतिम प्रशासनिक आदेश (Notification) इसी कार्यालय द्वारा जारी किया जाता है।

CLR Karyalay Ke Pramukh Vaidhik Kartavya (Core Mandate)

राजस्व प्रशासन के सुचारू संचालन के लिए CLR ग्वालियर कार्यालय निम्नलिखित प्रमुख वैधानिक कर्तव्यों का पालन करता है:

  • भू-अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण और रख-रखाव: राज्य के सभी गांवों के हस्तलिखित खसरों, नक्शों और बी-1 प्रविष्टियों को डिजिटल सर्वर पर सुरक्षित रखना।
  • भू-सर्वेक्षण और बंदोबस्त (Settlement Operations): जब भी किसी क्षेत्र में नए सिरे से जमीनों की सीमाओं का निर्धारण (Re-survey) होता है, तो आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन (Drones) और CORS (Continuously Operating Reference Stations) नेटवर्क के जरिए सर्वेक्षण का संचालन करना।
  • प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी करना: जिलों के कलेक्टर्स, एसडीएम, और तहसीलदारों के लिए भूमि नामांतरण (Mutation), सीमांकन (Demarcation), और रिकॉर्ड दुरुस्ती के नियमों का सरलीकरण करना।

2. सीएलआर ग्वालियर की प्रशासनिक और तकनीकी संरचना

मध्य प्रदेश का राजस्व विभाग एक बहु-स्तरीय पिरामिड संरचना पर काम करता है। इसमें शीर्ष पर बैठे आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय से लेकर जमीनी स्तर पर काम करने वाले पटवारी तक का एक स्पष्ट पदानुक्रम (Hierarchy) निर्धारित है।

Administrative & Functional Matrix Table

Aapki suvidha ke liye humne CLR Gwalior ke core divisional administrative matrix ko is table mein map kiya hai:

प्रशासनिक विंग (Divisional Branch)मुख्य उत्तरदायित्व (Core Function Metric)तकनीकी प्रणाली (Software Platform Used)वास्तविक उपयोग (Real-World Impact)
भू-अभिलेख विंग (Land Records)खसरा, खतौनी (B1) और राजस्व रजिस्टरों के डेटा का शुद्धीकरण और प्रबंधन।WebGIS 2.0 (Central Cloud Architecture)नागरिकों को 24/7 लाइव डेटा की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
भू-नक्शा विंग (Geospatial Division)गांवों और शहरी भूखंडों के कैडस्ट्रल नक्शों का डिजिटलाइजेशन और जियो-रेफरेंसिंग।Bhu-Naksha Vector Digitization Softwareखेतों के मेड़ संबंधी विवादों को जीपीएस (GPS) के जरिए सटीक सुलझाना।
बंदोबस्त विंग (Settlement & Survey)नए जिलों/तहसीलों में जमीनों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण और रिकॉर्ड्स का नवीनीकरण।Drone Imagery & GIS Mapping Algorithmsदशकों पुराने भूमि विवादों को वैज्ञानिक साक्ष्यों से समाप्त करना।
आईटी हेल्पडेस्क (Tech Support)नागरिकों और सार्वजनिक कियोस्क की तकनीकी समस्याओं और त्रुटियों का समाधान।ऑनलाइन शिकायत पोर्टल (Grievance Engine)तकनीकी रुकावटों को दूर करना। देखें: MP Bhu Abhilekh Portal Login Setup

3. सीएलआर ग्वालियर कार्यालय से संपर्क करने की आधिकारिक कूटविधि (Directory & Helpdesk)

यदि किसी नागरिक को अपनी जमीन के डिजिटल रिकॉर्ड्स में कोई गंभीर तकनीकी समस्या आती है, जिसे स्थानीय तहसील स्तर पर नहीं सुलझाया जा सका है, तो वे सीधे CLR Gwalior Office Helpdesk से संपर्क कर सकते हैं।

आधिकारिक संपर्क विवरण (Official Contact Directory)

  • कार्यालय का नाम: आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, मध्य प्रदेश (Office of the Commissioner Land Records & Settlement, MP)
  • भौगोलिक पता: मोती महल, लश्कर, ग्वालियर, मध्य प्रदेश – 474007 (Moti Mahal, Lashkar, Gwalior, MP – 474007)
  • आधिकारिक वेब पोर्टल: mpbhulekh.gov.in / clrmp.ap.nic.in
  • केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर: 1800-233-6763 (Toll-Free Helpdesk)

तकनीकी सहायता के लिए ईमेल भेजने का प्रारूप (Email Format Template)

यदि आपका डिजिटल वॉलेट बैलेंस कट गया है या आपकी प्रोफाइल लॉक हो गई है, तो आप clrmp@mp.gov.in पर ईमेल भेज सकते हैं। ईमेल भेजते समय निम्नलिखित प्रारूप का पालन करें:

  1. Subject Line: Technical Issue – Public User ID [Aapki User ID] – WebGIS 2.0
  2. Body Text: अपना नाम, पंजीकृत मोबाइल नंबर, जिला, तहसील और समस्या का संक्षिप्त विवरण स्पष्ट रूप से लिखें।
  3. Attachment: यदि भुगतान असफल हुआ है, तो बैंक पासबुक का स्क्रीनशॉट या ट्रांजैक्शन आईडी का डॉक्युमेंट अवश्य संलग्न करें।

4. सीएलआर के तकनीकी सुधार: ड्रोन सर्वे और री-सर्वे प्रणालियां

आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय ग्वालियर ने साल 2026 तक मध्य प्रदेश को डिजिटल भूमि सुधारों में देश का अग्रणी राज्य बना दिया है। इसके लिए कार्यालय द्वारा निम्नलिखित दो क्रांतिकारी प्रणालियों का संचालन किया जा रहा है:

[CORS Network Ground Stations] <—> [High-Resolution Drone Flight] <—> [Geospatial Map Generation]

1. ड्रोन आधारित कैडस्ट्रल मैपिंग (Drone Mapping System)

पारंपरिक रूप से जमीन की नाप जरीब (लोहे की चेन) या फीते से की जाती थी, जिसमें मानवीय गलतियों की संभावना बहुत अधिक रहती थी। CLR ग्वालियर ने भारत सरकार के ‘स्वामित्व योजना’ (SVAMITVA Scheme) के तहत राज्य के ग्रामीण आबादी क्षेत्रों और कृषि भूखंडों का High-Resolution Drones के माध्यम से सर्वेक्षण कराया है। इससे हर खेत और मकान का सटीक डिजिटल नक्शा तैयार हुआ है, जिससे मेड़ के आपसी विवाद 90% तक कम हो गए हैं।

2. री-सर्वे और बंदोबस्त आधुनिकीकरण (Modern Settlement Workflows)

कई जिलों में भूमि रिकॉर्ड 50-60 साल पुराने हो चुके थे। CLR कार्यालय ने अत्याधुनिक CORS (Continuously Operating Reference Stations) नेटवर्क स्थापित किया है। यह नेटवर्क सैटेलाइट के माध्यम से जमीन के अक्षांश और देशांतर (Latitude-Longitude Coordinates) की सटीक गणना करता है। यदि कोई व्यक्ति अपने खेत का भौतिक सीमांकन कराना चाहता है, तो राजस्व निरीक्षक इसी नेटवर्क की मदद से बिना किसी विवाद के सटीक कोणीय बिंदु (Vertices) निर्धारित कर देता है।

5. सीएलआर नीतियों के तहत रिकॉर्ड्स में तकनीकी सुधार की कानूनी अपील

यदि आपके खसरे, नक्शे या बी-1 खतौनी में कोई गंभीर तकनीकी विसंगति है, तो CLR ग्वालियर की गाइडलाइंस के अनुसार नागरिकों को निम्नलिखित अपीलीय प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए:

First Appeal: Tehsildar Court (प्रथम अपील)

किसी भी रिकॉर्ड दुरुस्ती (Record Rectification) की शुरुआत हमेशा स्थानीय तहसील स्तर से ही होती है। मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धाराओं के तहत आपको तहसीलदार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होता है।

  • यदि आपको आवेदन के साथ लगाने के लिए समेकित खाता विवरण चाहिए, तो आप हमारे विशेष मैन्युअल MP B1 Khasra Ledger Sheet Guide का उपयोग करके अपना ताजा B1 फॉर्म निकाल सकते हैं।
  • तहसील न्यायालय में चल रहे सभी मुकदमों की लाइव अदालती कार्यवाही और तारीखों को ट्रैक करने के लिए आप सीधे Revenue Case Management System MP Tool का उपयोग कर सकते हैं।

Second Appeal: Collector / CLR Office (द्वितीय अपील)

यदि स्थानीय तहसील स्तर पर पटवारी या तहसीलदार आपकी वैध शिकायत पर 45 दिनों के भीतर कोई उचित कार्रवाई नहीं करते हैं, या कोई त्रुटिपूर्ण आदेश पारित कर देते हैं, तो आप मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 44 के तहत जिला कलेक्टर या सीधे आयुक्त भू-अभिलेख ग्वालियर के कार्यालय में अपनी द्वितीय अपील (Technical Grievance Revision Appeal) दायर कर सकते हैं। सीएलआर कार्यालय का आईटी सेल सीधे बैकएंड डेटाबेस को ऑडिट करके तकनीकी गड़बड़ियों को दूर करने का आदेश जारी करता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कोई आम नागरिक सीधे मोतिमहल ग्वालियर कार्यालय जाकर अपना खसरा सुधरवा सकता है?

नहीं। आयुक्त भू-अभिलेख (CLR) ग्वालियर एक राज्य स्तरीय नीति-निर्धारक और तकनीकी नियंत्रण कार्यालय है। यह सीधे व्यक्तिगत नागरिकों के भूमि रिकॉर्ड्स में भौतिक सुधार नहीं करता है। किसी भी खसरे या खतौनी में नाम सुधार, रकबा दुरुस्ती या सीमांकन के लिए आपको कानूनन अपने संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार न्यायालय या जिला कलेक्टर कार्यालय में ही आवेदन करना होगा। सीएलआर कार्यालय केवल तब हस्तक्षेप करता है जब कोई गंभीर सॉफ्टवेयर एरर हो या स्थानीय अधिकारियों द्वारा नियमों की अनदेखी की जा रही हो। डिजिटल खसरा देखने की बुनियादी विधि हमारे पिलर पेज MP Bhulekh Khasra Khatauni Portal Guide पर उपलब्ध है।

CLR ग्वालियर द्वारा संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर का ऑपरेटिंग समय क्या है?

आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय ग्वालियर द्वारा संचालित आधिकारिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-6763 नागरिकों की सहायता के लिए सभी शासकीय कार्यदिवसों (Working Days) पर सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक क्रियाशील रहता है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से आप WebGIS 2.0 पोर्टल पर आने वाली तकनीकी समस्याओं, डिजिटल हस्ताक्षरित प्रतियों के डाउनलोड न होने, या वॉलेट से जुड़ी शिकायतों का तुरंत पंजीकरण करा सकते हैं।

क्या CLR ग्वालियर की वेबसाइट पर पुरानी मैन्युअल भू-अभिलेख प्रतियां (Scanned Records) भी उपलब्ध हैं?

जी हाँ, बिल्कुल उपलब्ध हैं। CLR ग्वालियर कार्यालय ने एक वृहद प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और पुराने हस्तलिखित राजस्व अभिलेखागार (Scanned Archival Records) का पूर्ण डिजिटलाइजेशन किया है। यदि आपको 50 साल पुराना मिस्ल बंदोबस्त, अधिकार अभिलेख या पुरानी खतौनी की स्कैन कॉपी चाहिए, तो आप MP Bhu Abhilekh Portal Login Setup गाइड की मदद से पब्लिक यूजर लॉगिन करके ‘अभिलेखागार दस्तावेज’ (Archival Documents) मॉड्यूल के अंतर्गत निर्धारित शुल्क देकर इसे ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।

अगर तहसील स्तर पर पटवारी ऑनलाइन म्यूटेशन ऑर्डर को डिजिटल रिकॉर्ड में अपडेट नहीं कर रहा है, तो कहाँ शिकायत करें?

यदि तहसीलदार कोर्ट से नामांतरण (Mutation) आदेश पारित होने के बाद भी स्थानीय पटवारी या राजस्व निरीक्षक उसे WebGIS 2.0 के लाइव डिजिटल रिकॉर्ड में सिंक नहीं कर रहा है, तो आप इसकी ऑनलाइन शिकायत सीधे ‘सीएम हेल्पलाइन’ (CM Helpline 181) पर दर्ज करा सकते हैं, या लिखित रूप में जिला कलेक्टर (Land Records Division) को आवेदन दे सकते हैं। कलेक्टर कार्यालय सीधे CLR ग्वालियर के नियमों के तहत संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है। अदालती आदेश की स्थिति जानने के लिए Revenue Case Management System MP Tool का संदर्भ लें।

क्या बंदोबस्त (Settlement) के दौरान जमीन का रकबा बदलने पर CLR का आदेश अंतिम होता है?

जब किसी जिले में री-सर्वे या बंदोबस्त (Settlement Operatons) का काम चलता है, तो भू-अभिलेख संहिता के नियमों के अनुसार तैयार किया गया नया रिकॉर्ड प्रारंभिक रूप से प्रकाशन में लाया जाता है। यदि किसी भू-स्वामी को अपने रकबे में किसी विसंगति पर आपत्ति है, तो वह बंदोबस्त अधिकारी (Settlement Officer) के समक्ष दावा पेश कर सकता है। बंदोबस्त अधिकारी के अंतिम निर्णय के खिलाफ अपील सीधे आयुक्त भू-अभिलेख (CLR) ग्वालियर की राजस्व कोर्ट में की जाती है, जिसका निर्णय उच्च न्यायालय के नियमों के अधीन अंतिम माना जाता है।

📢 महत्वपूर्ण वैधानिक चेतावनी (Disclaimer)

यह पोर्टल एक स्वतंत्र शैक्षिक निर्देशिका है जिसका मध्य प्रदेश शासन, राजस्व मंडल या आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय ग्वालियर से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। यहाँ संकलित जानकारी केवल नागरिकों की सहायता और प्रशासनिक समझ को बढ़ाने के लिए है। किसी भी प्रकार के आधिकारिक नियमों की पुष्टि, तकनीकी सहायता या शासकीय भुगतानों के लिए हमेशा राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट mpbhulekh.gov.in का ही उपयोग करें।